क्या कोरोना महामारी चीन की साजिश है ? || LIVE IMAGE

क्या  कोरोना महामारी चीन की साजिश है ?



                    चीन के वुहान से नवंबर 2019 में  कोरोना महामारी की शुरुआत हुई | चीन ने यह बात शुरुआत में विश्व से छुपाई की महामारी का रूप धारण करने वाला कोई वायरस आ गया है | WHO के हेड  चीन की हां में हां मिलाते रहे क्योंकि चीन के वोट से ही वह WHO के हेड बने हैं | पहले उन्होंने कहा कि यह बीमारी इंसान से इंसान में ट्रांसफर नहीं होती है , लेकिन जनवरी आते आते चीन ने कहा कि हमने इस महामारी को रोक लिया है | तब फिर WHO ने उनकी हां में हां मिलाई | 



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                              जैसा कि आप जानते हैं चीन एक  क्लोज सोसायटी है - चीन में गूगल ,  फेसबुक , टि्वटर नहीं चलता | बल्कि उनका अपना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म चलता है जो चीन में ही विस्तृत है |  इसलिए खबरें बाहर नहीं आ पाई | इसी बीच चीन के एक डॉक्टर Li Wenliang , जिनकी मौत हो गई - उन्होंने यह खबर   लोगों तक पहुंचाई कि यह एक संक्रामक बीमारी है और इसका अंत भयावह है | जनवरी 17 आते-आते यह बात पहली बार सामने आई और WHO ने भी माना कि यह बीमारी संक्रामक है |चीन ने वुहान शहर को लॉक डाउन कर दिया |

आज वुहान दोबारा शुरू हो गया है , हालांकि अभी बाहर का  टूरिस्ट नहीं आ रहा है , परंतु लोकल नागरिक वहां विभिन्न जगहों पर घूम फिर रहा है | आज चीन से लाखों-करोड़ों मील दूर अमेरिका , इटली , भारत , पाकिस्तान , स्पेन जैसे देशों में इस महामारी का कहर सबके सामने है | अब बहुत से प्रश्न है जो चीन को शक के दायरे में खड़ा करते हैं - वहां शहर से हजारों मील दूर बीजिंग या शंघाई की तरफ जाते हैं तो घनत्व आबादी वाले शहर होते हुए भी गिने-चुने व्यक्तियों की जान जाती है | जबकि लाखों मील दूर सात समंदर पार महामारी ने कहर ढा रखा है |   

                              
                            इसलिए चीन की  conspiracy Theory की बातों में दम नजर आ रहा है | जैसा कि सब जानते हैं चीन एक  कम्युनिस्ट देश रहा है , सेना की ताकत इस देश में ज्यादा है | चीन के दो जनरल जिन्होंने 90 के दशक में एक किताब लिखी…... U N Restricted warfare (chinas master plan to destroy America) BY- Col.QIAO LIANG AND Col.WANG XIANGSUI 



इसमें जिक्र है कि- “ हम अमेरिका को ऐसे मात नहीं दे सकते क्योंकि अमेरिका एक ताकतवर मुल्क है , उसे मात देने के लिए प्रॉक्सी वॉर का सहारा लेना पड़ेगा’’ क्या यह प्रॉक्सी वॉर कोरोना है ? आज जब 190 से ज्यादा देश इस महामारी के कारण विनाश के कगार पर खड़े हैं या उसकी तरफ बढ़ रहे हैं ,चीन के 80% कार्य शुरू हो चुके हैं |

                        आज जब चीन को यह पता है कि वह बैंकिंग , टेलीकम्युनिकेशन या स्पेस के क्षेत्र में अमेरिका या पश्चिमी देशों से प्रतिस्पर्धा में नहीं जीत सकता |तो उसने अपने फार्मास्यूटिकल सेक्टर को डेवलप किया और दुनिया के तमाम देशों को अपने ऊपर डिपेंडेंट बनाने की शुरुआत  करी | जिससे वक्त पड़ने पर- अपनी शर्तों पर- दवाइयां , मेडिकल इक्विपमेंट ...विश्व को सप्लाई करें |आज कोरोना महामारी के चलते चीन मास्क , PPE kit , मेडिकल इक्विपमेंट ,वेंटीलेटर ,सैनिटाइजर ,दवाइयों का RAW मटेरियल आदि के लिए विश्व का सबसे बड़ा सप्लायर है |

आज जब विश्व के कई देश भारत से hydroxychloroquine दवाई की मांग कर रहे हैं तब इस दवाई  को बनाने के लिए भारत को RAW मटेरियल भी चीन से ही मंगाना पड़ेगा |आज जब संपूर्ण विश्व कोरोना के दर्द से पीड़ित है , तब चीन इस दर्द का इलाज बेचकर भरपूर मुनाफा कमा रहा है और आर्थिक तौर पर सुदृढ़ होता हुआ सुपर पावर बनने की तरफ अग्रसर है | सन 2019 के दुनिया की Fortune 500 लिस्ट में , 500 प्रभावशाली कंपनियों की लिस्ट में , चीन 129 कंपनियों के साथ एक नंबर पर है | आज कोई भी देश अगर मेडिकल इक्विपमेंट बनाना शुरू करेगा तो उसे करीबन चार 6 महीने लग जाएंगे , जबकि इतना वक्त अभी किसी देश के पास नहीं है | अतः उसे इस सुविधा के लिए चीन पर ही निर्भर रहना पड़ेगा | 


                                अब एक प्रश्न और उठता है कि - चीन दुनिया की सुपर पावर बनने के लिए अपने देश के 3.50 , 4000 लोगों को क्यों मारेगा | तो गौरतलब है ,  कि मरने वालों में ज्यादातर 65 से 70 साल से ऊपर आने वाले लोग हैं | तो क्या चीन ने उन व्यक्तियों से निजात पाई जो उसकी अर्थव्यवस्था पर बोझ थे और बदले में संपूर्ण विश्व से मेडिकल फैसिलिटी का आर्डर लेकर वैश्विक ताकत बनने का अपना चिर  संचित सपना पूरा किया ? 



- Rama Deepak
M.A. Hindi
M.A. Mass Communication
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